सनातन संस्कृति, भक्ति रस एवं सनातन चेतना के पावन वाहक
पूज्य कथा व्यास पंडित श्री लक्ष्मीनारायण जी महाराज का जन्म सन 1975 में एक धर्मनिष्ठ ब्राह्मण परिवार में हुआ। उनके पूज्य पिता जी का नाम श्री मंजी कोमल प्रसाद दुबे एवं माता जी का नाम श्रीमती त्रिवेणी बाई है। बचपन में उनका नाम पं. लक्ष्मीनारायण रखा गया।
युगल सरकार एवं श्री हनुमान जी महाराज की अनुकंपा तथा गुरुदेव के पावन सानिध्य में सन् 1984 से प्रारंभ हुई भागवत कथा गायन की यह पावन अविरल धारा आज वर्ष 2026 तक निरंतर लोककल्याण हेतु प्रवाहित हो रही है।
सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार तथा गृहस्थ जीवन में भक्ति रस के संचार हेतु आयोजित दिव्य कथाएं
श्रीमद्भागवत महापुराण के 12 स्कंधों का अमृतमय रसास्वादन, कृष्ण जन्मोत्सव, गोवर्धन पूजा, एवं रुक्मिणी विवाह का सजीव वर्णन।
श्रीरामचरितमानस के माध्यम से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों, चरित्र एवं भक्ति का मर्मस्पर्शी चित्रण।
भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों, शिव-पार्वती विवाह, एवं पंचाक्षर मंत्र की महिमा पर ओजस्वी तथा भक्तिमयी कथा प्रवचन।
आद्याशक्ति मां भगवती के नवदुर्गा स्वरूपों, महिषासुर मर्दिनी प्रसंग तथा शक्ति साधना का पावन आख्यान।
1 से 3 दिवसीय विशेष सत्संग, भगवद्गीता सार, ध्यान योग, एवं आधुनिक जीवन में तनावमुक्ति हेतु आध्यात्मिक प्रवचन।
गृह शांति, शतचंडी यज्ञ, प्राण प्रतिष्ठा, हनुमान चालीसा महापाठ एवं सर्वकल्याण हेतु सामूहिक धार्मिक अनुष्ठान।
पूज्य पंडित श्री लक्ष्मीनारायण जी महाराज के सानिध्य में आयोजित कथाओं के मुख्य वीडियो प्रसंग
पूज्य महाराज जी के सानिध्य में आयोजित होने वाले आगामी भव्य कथा उत्सवों में पधारें
श्री जगन्नाथ धाम पुरी (ओडिशा)
प्रातः 06:00 बजे प्रभातफेरी • दोपहर 02:00 बजे भागवत कथा एवं दर्शन
सरयू तट मंडपम, अयोध्या धाम (उ.प्र.)
अपराह्न 03:00 बजे से सायंकाल 07:00 बजे तक
जयराम आश्रम परिसर, हरिद्वार (उत्तराखंड)
प्रातः 10:00 बजे से अपराह्न 01:30 बजे तक
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1:45:20
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"पूज्य लक्ष्मीनारायण जी महाराज के श्रीमुख से श्रीमद् भागवत कथा सुनने का सौभाग्य मिला। उनके द्वारा दिए गए सरल एवं व्यावहारिक दृष्टांतों ने हमारे पूरे परिवार के जीवन में असीम शांति भर दी।"
जयपुर, राजस्थान
"हमारे नगर में आयोजित 7 दिवसीय रामकथा का अनुभव अविस्मरणीय रहा। महाराज जी का संगीतमय गायन एवं मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का चरित्र वर्णन हर भक्त के अश्रु छलका देता है।"
इन्दौर, मध्य प्रदेश
"संस्कारों एवं सनातन संस्कृति की अलख जगाने में राघव पीठ का योगदान अतुलनीय है। महाराज जी का जीवन स्वयं एक तपस्या है।"
नई दिल्ली
वेद विद्यालय संचालन, अन्नक्षेत्र (भंडारा), गो-सेवा एवं असहाय जनों की सहायता हेतु अपना श्रद्धामय योगदान दें।
यदि आप अपने शहर, गाँव अथवा परिवार में श्रीमद् भागवत कथा, श्रीराम कथा अथवा शिव पुराण कथा का आयोजन कराना चाहते हैं, तो कृपया नीचे दिए गए फॉर्म को भरें। हमारी समिति आपसे शीघ्र संपर्क करेगी।
+91 82510 87014
booking@raghavpeeth.in / info@raghavpeeth.in
केशव कुंज, किशोरपुरा, श्री धाम वृंदावन
पूज्य महाराज जी की तिथियां पहले से ही निश्चित होती हैं, अतः सुगम व्यवस्था हेतु न्यूनतम 3 से 6 माह पूर्व बुकिंग कराना उत्तम रहता है। विशेष अवसरों (जैसे नवरात्र, श्रावण या वैशाख) हेतु 1 वर्ष पूर्व भी संपर्क कर सकते हैं।
श्रीमद् भागवत कथा 7 दिवस तथा श्रीराम कथा 9 दिवस की होती है। प्रतिदिन 3 से 4 घंटे का संगीतमय प्रवचन सत्र आयोजित होता है (सामान्यतः दोपहर 2:00 से 6:00 बजे तक)।
आयोजक पक्ष को व्यासपीठ हेतु उपयुक्त मंच, साउंड सिस्टम, महाराज जी एवं संगीताचार्यों के निवास तथा शुद्ध सात्विक भोजन की समुचित व्यवस्था करनी होती है।
राघव पीठ का उद्देश्य सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार है। दक्षिणा एवं सेवा राशि हेतु आप सीधे राघव पीठ कार्यालय एवं प्रबंध समिति से दूरभाष द्वारा चर्चा कर सकते हैं।
पूज्य महाराज जी सरल, सुबोध एवं ओजस्वी हिंदी भाषा में कथा वाचन करते हैं, जिसमें संस्कृत के श्लोकों का लयबद्ध सस्वर पाठ एवं हिंदी में सहज अर्थ समझाया जाता है।